Mon. Dec 9th, 2019

योगी सरकार ने बिजली विभाग में भविष्य निधि घोटाले की सीबीआइ जांच का प्रस्ताव केंद्र को भेजा

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योगी सरकार ने बिजली विभाग में हुए भविष्य निधि घोटाले की सीबीआइ जांच का प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया है। सरकार इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी मदद लेगी। उधर, आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

बिजली विभाग के इंजीनियरों व कर्मचारियों के सामान्य व अंशदायी भविष्य निधि की रकम को नियमों को दरकिनार कर निजी कंपनी दीवान हाउसिंग फाइनेंस कारपोरेशन लिमिटेड (डीएचएफसीएल) में लगाने का मामला तूल पकड़ने पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर मामले की जांच सीबीआइ से कराने का अनुरोध किया था। उनके अनुरोध को मानते हुए मुख्यमंत्री ने घोटाले की सीबीआइ जांच के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने रविवार को बताया कि मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद भविष्य निधि घोटाले की जांच सीबीआइ से कराने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है।

सीबीआइ के इस मामले की जांच शुरू करने तक शनिवार को लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआइआर की विवेचना डीजी आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) डॉ.आरपी सिंह की देखरेख में होनी है। अपर मुख्य सचिव गृह के मुताबिक एफआइआर दर्ज होने के बाद ईओडब्ल्यू ने विवेचना भी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ईओडब्ल्यू ने एफआइआर में नामजद उप्र पावर कारपोरेशन के तत्कालीन निदेशक वित्त सुधांशु द्विवेदी से शनिवार देर रात तक पूछताछ की।

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